५.१.३ विद्यालयमा अध्ययन गरिरहेका छात्रछात्राको विवरण
एक नजरमा — विद्यार्थी वितरण
सार्वजनिक–निजी विभाजनको भूगोल: कुल ५९,०५८ विद्यार्थीमध्ये ५६% निजी, ३४% सरकारी र १०% क्याम्पसमा छन् — निजी विद्यालयको यो बहुमत सहरीकरणको प्रत्यक्ष लक्षण हो । तर सबैभन्दा रोचक कुरा यो विभाजन वडाअनुसार उल्टिन्छ: सहरी कोर वडा (विशेष गरी वडा ६, जहाँ एक्लै १०,६२३ विद्यार्थी छन्) मा निजी विद्यालय हावी छन् (८२% सम्म निजीमा), जबकि ग्रामीण वडा १३ मा सरकारी विद्यालय नै मुख्य आधार (८८% सरकारी/क्याम्पस) हो । यो स्थानिक शैक्षिक असमानता — सहरमा निजी विकल्प, गाउँमा सार्वजनिकमै निर्भरता — ले अभिभावकको क्रयशक्ति र पहुँचको खाडल झल्काउँछ ।
तालिका नं. ६८ – तुलसीपुर उप–महानगरपालिकाका विद्यालयहरुमा अध्ययनरत विद्यार्थीहरुको विवरण
| वडा | सरकारी | निजी | क्याम्पस | जम्मा |
|---|---|---|---|---|
| १। | १०४६ | ४६० | १७२ | १६७८ |
| २। | ५३० | ९३१ | १६७ | १६२८ |
| ३। | १०९७ | ४८३ | १९० | १७७० |
| ४। | २५६३ | २२९० | २०७ | ५०६० |
| ५। | ३६७ | २९८९ | ५८२ | ३९३८ |
| ६। | ११५३ | ८७२६ | ७४४ | १०६२३ |
| ७। | ९८४ | २४०५ | ६३१ | ४०२० |
| ८। | ७७५ | १२९१ | ३३८ | २४०४ |
| ९। | ६७८ | २२१८ | २२७ | ३१२३ |
| १०। | ४७६ | १०७३ | १७८ | १७२७ |
| ११। | ९७८ | १०७४ | २३३ | २२८५ |
| १२। | २०१७ | १७०१ | २७६ | ३९९४ |
| १३। | ११४४ | १७२ | १०७ | १४२३ |
| १४। | १३२१ | ३३१ | १९८ | १८५० |
| १५। | ५४५ | ९७७ | २२१ | १७४३ |
| १६। | ३१७ | ७४४ | २६७ | १३२८ |
| १७। | १२७५ | १४५६ | ३७९ | ३११० |
| १८। | २३२२ | २५७४ | ४५३ | ५३४९ |
| १९। | ६५९ | ११५७ | १८९ | २००५ |
| जम्मा | २०२४७ | ३३०५२ | ५७५९ | ५९०५८ |
विद्यालय प्रकार अनुसार विद्यार्थी संरचना
सरकारी, निजी र क्याम्पसमा अध्ययनरत विद्यार्थीको हिस्सा
वडागत विद्यार्थी संख्या (निजी–प्रधान नीलो, सरकारी–प्रधान हरियो)
सर्वाधिक: वडा ६ · १०,६२३ विद्यार्थी
विश्लेषण: वडागत बारको रङले नै कथा भन्छ — नीला (निजी–प्रधान) वडा सहरी कोर र राजमार्ग वरिपरि गुजुल्टिएका छन्, हरिया (सरकारी–प्रधान) वडा बाहिरी ग्रामीण पेटीमा । वडा ६ मा १०,६२३ विद्यार्थीको असाधारण सघनताले यसलाई नगरको शैक्षिक नाभी देखाउँछ । यो ढाँचा बजार–केन्द्रको नगर–प्रधानता सँग ठ्याक्क मेल खान्छ — व्यापार जहाँ केन्द्रित छ, शिक्षा पनि त्यहीँ थुप्रिएको छ । नीतिगत रूपमा, ग्रामीण वडाका सरकारी विद्यालयको गुणस्तर सुदृढ नगरे शैक्षिक अवसरको यो भौगोलिक खाडल झन् बढ्न सक्छ ।