४.१.५ वैदेशिक रोजगारीमा गएकाहरूको विवरण
यस उप–महानगरपालिकाबाट विभिन्न देशहरूमा वैदेशिक रोजगारीमा जानेहरूको संख्या १४,८५१ रहेको छ । उमेरगत रूपमा विश्लेषण गर्दा सबैभन्दा बढी १५–२४ उमेर समूहका ६,०७५ जना वैदेशिक रोजगारीमा गएका छन् भने सबैभन्दा कम ६५ वर्ष माथि उमेर समूहका ८ जना वैदेशिक रोजगारीमा गएका छन् । वैदेशिक रोजगारीमा गएका मध्ये सबैभन्दा बढी मध्यपूर्वी देश जानेहरुको संख्या रहेको छ ।
एक नजरमा — वैदेशिक रोजगारीको स्वरूप
कुल १४,८५१ जना वैदेशिक रोजगारीमा — गन्तव्य, घनत्व र विविधता
गन्तव्य क्षेत्रअनुसार वैदेशिक रोजगारी
१३ गन्तव्यलाई प्रमुख आर्थिक क्षेत्रमा पुनर्समूहीकरण
गन्तव्यको स्वरूपले श्रम बजारको चरित्र खोल्छ । तुलसीपुरबाट खाडी मुलुक (मध्यपूर्व) मा ४३.६% (६,४६८), भारतमा २४.७% (३,६६४) र पूर्वी एशिया/आसियानमा १९.१% (२,८३७) गएका छन् — यी तीनै मिलेर ८७.३% हुन्छन्, जुन मूलतः अदक्ष/अर्धदक्ष श्रम गन्तव्य हुन् । युरोप, उत्तर अमेरिका र प्यासिफिक जस्ता विकसित (आकांक्षी) मुलुक भने मात्र १२.०% (१,७८४) छन्, जहाँ प्रायः शिक्षा वा दक्ष रोजगारीका लागि जान्छन् ।
तालिका नं. २९ – उप–महानगरपालिकामा रहेका वैदेशिक रोजगारीमा गएका जनसंख्याको विवरण
| उमेर जमुह | लिङ्ग | देशको नाम | जम्मा | ||||||||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भारत | सार्क | एशियन | मध्यपूर्ब | अन्य एशियन | युरोप | अन्य युरोप | उत्तर अमेरिका | दक्षिण अमेरिका | अफ्रिका | प्यासिफिक | अन्य | नखुलाएको | |||
| ०-१४ वर्ष | पुरुष | २९२ | १ | ७ | २९ | ९ | ६ | ७ | २३ | १ | ० | ९ | ० | ३ | ३८७ |
| महिला | १४५ | ० | २ | ४ | ७ | ३ | ४ | ३५ | ० | ० | ८ | ० | १ | २०९ | |
| जम्मा | ४३७ | १ | ९ | ३३ | १६ | ९ | ११ | ५८ | १ | ० | १७ | ० | ४ | ५९६ | |
| १५-२४ वर्ष | पुरुष | ११४४ | १३ | ८४२ | २३२६ | २८३ | ११६ | ५८ | २६४ | २ | १३ | २४७ | ३ | १५ | ५३२६ |
| महिला | २७२ | ३ | १३ | ११३ | १०२ | ३० | १६ | ७७ | ० | ० | १२१ | १ | १ | ७४९ | |
| जम्मा | १४१६ | १६ | ८५५ | २४३९ | ३८५ | १४६ | ७४ | ३४१ | २ | १३ | ३६८ | ४ | १६ | ६०७५ | |
| २५-३४ वर्ष | पुरुष | ६९३ | ११ | ९३३ | २६८८ | १२३ | ८० | ३५ | २६१ | १ | १९ | ८६ | १ | ८ | ४९३९ |
| महिला | १५८ | ३ | १६ | १६१ | २७ | १० | १२ | ६१ | ० | ३ | ३२ | ० | ३ | ४८६ | |
| जम्मा | ८५१ | १४ | ९४९ | २८४९ | १५० | ९० | ४७ | ३२२ | १ | २२ | ११८ | १ | ११ | ५४२५ | |
| ३५-४४ वर्ष | पुरुष | ४६७ | ६ | ३५० | ८४४ | ९ | ३२ | ९ | ५४ | ० | १६ | १० | १ | २ | १८०० |
| महिला | ९८ | १ | ५ | ८३ | १ | १ | २ | ८ | ० | ० | ५ | ० | ० | २०४ | |
| जम्मा | ५६५ | ७ | ३५५ | ९२७ | १० | ३३ | ११ | ६२ | ० | १६ | १५ | १ | २ | २००४ | |
| ४५-५४ वर्ष | पुरुष | २०२ | ० | १५ | १०६ | ४ | १ | १ | ५ | ० | ० | ० | ० | ० | ३३४ |
| महिला | २७ | ० | ० | ८ | ० | १ | ० | ३ | ० | ० | १ | ० | ० | ४० | |
| जम्मा | २२९ | ० | १५ | ११४ | ४ | २ | १ | ८ | ० | ० | १ | ० | ० | ३७४ | |
| ५५-६४ वर्ष | पुरुष | ४२ | १ | १ | ८ | ० | ० | ० | २ | ० | ० | ० | ० | ० | ५४ |
| महिला | ९ | ० | ० | ० | ० | ० | ० | १ | ० | ० | ० | ० | ० | १० | |
| जम्मा | ५१ | १ | १ | ८ | ० | ० | ० | ३ | ० | ० | ० | ० | ० | ६४ | |
| ६५ वर्ष देखि माथि | पुरुष | ५ | ० | ० | ० | ० | ० | ० | १ | ० | ० | ० | ० | ० | ६ |
| महिला | २ | ० | ० | ० | ० | ० | ० | ० | ० | ० | ० | ० | ० | २ | |
| जम्मा | ७ | ० | ० | ० | ० | ० | ० | १ | ० | ० | ० | ० | ० | ८ | |
| उल्लेख नभएको | पुरुष | ७५ | ० | ३८ | ९५ | ६ | २ | ३ | १६ | १ | १ | ४ | ० | २ | २४३ |
| महिला | ३३ | ० | ० | ३ | ५ | ३ | २ | १२ | ० | ० | ४ | ० | ० | ६२ | |
| जम्मा | १०८ | ० | ३८ | ९८ | ११ | ५ | ५ | २८ | १ | १ | ८ | ० | २ | ३०५ | |
| जम्मा | ३६६४ | ३९ | २२२२ | ६४६८ | ५७६ | २८५ | १४९ | ८२३ | ५ | ५२ | ५२७ | ६ | ३५ | १४८५१ | |
वैदेशिक रोजगारीको गन्तव्य देश
गन्तव्य देश अनुसार वैदेशिक रोजगारीमा गएकाको संख्या
वैदेशिक रोजगारी — उमेर र लिङ्ग अनुसार
को जान्छ विदेश — उमेर र लिङ्गको संरचना
को जान्छ विदेश ? — युवा पुरुषको बहिर्गमन
पिरामिडले एउटा अत्यन्त असन्तुलित तस्बिर देखाउँछ : वैदेशिक रोजगारी ८८.१% पुरुष (लिङ्ग अनुपात ७४२.८ — प्रति १०० महिलामा ७४३ पुरुष) र ७७.४% युवा (१५–३४ वर्ष) ले ओगटेको छ । अर्थात् विदेश जानेमध्ये अधिकांश तन्नेरी पुरुष हुन् — समाजको सबैभन्दा उत्पादनशील र प्रजननशील उमेरका ।
यो नै अघिल्ला खण्डहरूमा देखिएका धेरै ढाँचाको साझा कारण हो । खण्ड ३.७ मा देखिएको २०–२९ उमेरमा महिला घरमूलीको शिखर (६०%), खण्ड ३.११ को महिला–बहुल बसाइँसराइ, र खण्ड ३.३ को महिला–बहुल कुल जनसंख्या (लिङ्ग अनुपात ८९) — यी सबैको जड यहीँ छ : युवा पुरुषहरू कमाउन विदेश जाँदा घरमा श्रीमती/आमा घरमूली बन्छिन्, र स्थानीय जनसंख्या महिला–बहुल देखिन्छ । यसरी वैदेशिक रोजगारी तुलसीपुरको सिङ्गो जनसांख्यिकीय संरचनाको केन्द्रीय चालक हो ।
वैदेशिक रोजगारीको संरचनात्मक सूचकहरू
लैङ्गिक स्वरूप, श्रम–आकांक्षी अनुपात र आर्थिक प्रभाव
सूचकहरूको अर्थ — सरल व्याख्या
१. वैदेशिक रोजगारी घनत्व (३२%): कुल १४,८५१ वैदेशिक रोजगारीलाई ४६,०१८ घरधुरीसँग तुलना गर्दा प्रति घर औसत ०.३ जना — अर्थात् करिब हरेक तीन घरमध्ये एकमा कोही न कोही विदेशमा छन् । यो उच्च घनत्वले स्थानीय अर्थतन्त्र रेमिट्यान्समा निकै निर्भर रहेको देखाउँछ ।
२. श्रम बनाम आकांक्षी प्रवास: ८७.३% खाडी/भारत/आसियानमा (अदक्ष श्रम, न्यून ज्याला, उच्च जोखिम) र मात्र १२.०% विकसित मुलुकमा (दक्ष/शैक्षिक) जानु — यो श्रम–प्रधान प्रवासको संकेत हो । दक्ष जनशक्ति उत्पादन गरेमा आकांक्षी प्रवासको हिस्सा बढ्न सक्छ, जसले उच्च आम्दानी र सुरक्षा दिन्छ ।
३. अनुमानित रेमिट्यान्स (रु. ३.२७ अर्ब): यो एउटा परिदृश्य अनुमान हो — श्रम गन्तव्यका ९,३५७ कामदारले औसत वार्षिक रु. ३५०,००० पठाएको मानेर निकालिएको । वास्तविक रकम गन्तव्य, सीप र पेशाअनुसार फरक पर्न सक्छ, तर यो रकमले स्थानीय अर्थतन्त्र, घरजग्गा, शिक्षा र उपभोगमा ठूलो योगदान पुर्याउँछ । उत्पादनशील क्षेत्रमा यसको परिचालन नै मुख्य नीतिगत चुनौती हो ।
निष्कर्ष र सिफारिसहरू
तुलसीपुर उप–महानगरपालिकाको वैदेशिक रोजगारी तथ्याङ्कको विश्लेषणबाट निम्न निष्कर्ष र सिफारिसहरू गर्न सकिन्छ :
- सीपमूलक तालिम र दक्ष प्रवास: ८७.३% अदक्ष श्रम गन्तव्यमा गएकाले गन्तव्य मुलुकको माग अनुसार सीप परीक्षण, प्रमाणीकरण र भाषा तालिममार्फत दक्ष/उच्च–आय प्रवासतर्फ रूपान्तरण गर्नुपर्ने ।
- सुरक्षित वैदेशिक रोजगारी: खाडी मुलुक (४३.६%) मा जोखिम उच्च भएकाले प्रस्थानपूर्व अभिमुखीकरण, श्रम सम्झौता निगरानी र संकटकालीन सहयोग संयन्त्र सुदृढ गर्नुपर्ने ।
- रेमिट्यान्स उत्पादनशील परिचालन: अनुमानित रु. ३.२७ अर्ब रेमिट्यान्सलाई उपभोगबाट उद्यम, कृषि–प्रशोधन र साना उद्योगमा लगानी गर्न प्रोत्साहन र वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम सञ्चालन गर्नुपर्ने ।
- पछाडि छुटेका परिवार सहयोग: युवा पुरुष विदेश गएपछि महिला–नेतृत्व बनेका परिवारलाई मनोसामाजिक परामर्श, बाल हेरचाह र निर्णय क्षमता विकासमा सहयोग पुर्याउनुपर्ने (खण्ड ३.७ सँग सम्बन्धित) ।
- फिर्ती पुनःएकीकरण: वैदेशिक रोजगारीबाट फर्किएकाहरूको सीप, अनुभव र पुँजीलाई स्थानीय उद्यमशीलतामा उपयोग गर्ने पुनःएकीकरण कार्यक्रम सञ्चालन गर्नुपर्ने ।
- स्थानीय रोजगारी सिर्जना: दीर्घकालमा वैदेशिक रोजगारीमाथिको निर्भरता घटाउन स्थानीय उद्योग, कृषि र सेवा क्षेत्रमा रोजगारीका अवसर सिर्जना गर्नुपर्ने ।
समग्रमा, वैदेशिक रोजगारी तुलसीपुरको अर्थतन्त्र र जनसांख्यिकी दुवैको केन्द्रीय शक्ति हो — यसले रेमिट्यान्समार्फत समृद्धि ल्याएको छ, तर युवा पुरुषको बहिर्गमनले परिवार र जनसंख्या संरचना नै बदलेको छ । सुरक्षित, दक्ष र उत्पादनशील प्रवास तथा रेमिट्यान्सको सदुपयोगमार्फत यो शक्तिलाई दिगो विकासमा रूपान्तरण गर्नु नै प्रमुख दायित्व हो ।